क्या है वैलेंटाइन डे मनाने के पीछे की कहानी और कौन थे संत वैलेंटाइन ? आइए जानते हैं ।
14 फरवरी को वैलेंटाइन डे के रूप में सम्पूर्ण विश्व में मनाया जाता है । इसे लोग प्रेम के त्योहार के रूप में मनाते हैं।
क्या आपको पता है वैलेंटाइन डे संत वैलेंटाइन के नाम पर मनाते हैं। वर्ष 1969 में कैथोलिक चर्च ने कुल 11 सेंट वैलेंटाइन के होने की पुष्टि की और 14 फरवरी को उनके सम्मान में पर्व मनाने की घोषणा की। इनमें सबसे महत्वपूर्ण वैलेंटाइन रोम के सेंट वैलेंटाइन माने जाते हैं।
वर्ष 1260 में संकलित की गई 'ऑरिया ऑफ जैकोबस डी वॉराजिन' नामक पुस्तक में सेंट वैलेंटाइन का वर्णन मिलता है। पुस्तक में वर्णित है कि रोम में तीसरी शताब्दी में सम्राट क्लाँडियस का शासन था। क्लाँडियस का मानना था विवाह करने से पुरुषों की शक्ति और बुद्धि कम होती है। उसने आज्ञा जारी की की उसका कोई भी सैनिक या अधिकारी विवाह नही करेगा। संत वैलेंटाइन ने इस क्रूर आदेश का विरोध किया। उनके आह्वाहन पर अनेक सैनिकों और अधिकारियों ने विवाह किए। इससे क्रोधित होकर क्लाँडियस ने 14 फरवरी सन् 269 को संत वैलेंटाइन को फांसी पर चढ़वा दिया गया। तब से उनकी स्मृति में प्रेम दिवस मनाया जाता है।
एक अन्य मान्यता के अनुसार एक बार सेंट वैलेंटाइन और रोम के राजा क्लाँडियस के बीच बहस हुई थी और राजा ने वैलेंटाइन को क्रिश्चियन रिलीजन छोड़कर रोमन Paganism रिलीजन अपनाने के लिए कहा। लेकिन वैलेंटाइन ने इस बात को मानने से इंकार कर दिया और उल्टा राजा को ही क्रिश्चियन बनने की सलाह दे डाली। रोम किंग को यह बात अच्छी नही लगी और उन्होंने वैलेंटाइन को मृत्युदण्ड की सजा दे दी। कहते हैं जेल में रहने के दौरान उन्होंने जेलर की नेत्रहीन बेटी जैकोबस को ठीक करने का चमत्कार किया था। उन्हें जैकोबस से प्रेम हो गया था। अपनी मृत्यु से पहले उन्होंने अपनी प्रेमिका को एक नोट 'Love Letter' लिखा था जिसके अंत में लिखा था 'तुम्हारा वैलेंटाइन'। यह 14 फरवरी का दिन था और उसके बाद से वैलेंटाइन डे मनाया जाने लगा। वैलेंटाइन के बाद सभी पादरी इस दिन को Holiday के रूप में मनाते थे और आज सारी दुनिया इसे प्यार के दिवस के रूप में मनाती है।

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