क्यों मनाते हैं रोज डे ? जानते हैं इससे सम्बन्धित रोचक किस्सों के बारे में ।


                     HAPPY ROSE DAY

हम सभी जानते हैं कि फरवरी माह के 7 तारीख से वैलेंटाइन वीक की शुरुआत होती है और इसका पहला दिन रोज डे के रूप में मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि गुलाब का फूल अपनी फीलिंग्स को एक्सप्रेस करने का सबसे अच्छा मूक प्रतीक है। इस दिन लोग अपनी फीलिंग्स को एक्सप्रेस करने के लिए गुलाब के फूल का आदान-प्रदान करते हैं ।
      
   
                        EROS HECTOR 

रोज डे मनाने को लेकर कई किस्से बताए जाते हैं ।
अगर ROSE के अक्षरों को अलग तरीके से व्यवस्थित करते हैं तो यह 'EROS' बनता है जो ग्रीक माइथोलॉजी के अनुसार प्रेम के देवता हैं। 



        VENUS -THE GODDESS OF LOVE

ग्रीक माइथोलॉजी के मुताबिक प्रेम की देवी VENUS का भी पसंदीदा फूल गुलाब है।


                 स्वीडन किंग चार्ल्स द्वितीय

यूँ तो प्रेम का प्रतीक कहे जाने वाले गुलाब को अपने किसी खास को भेजने की शुरआत हजारों साल पहले ही हो चुकी थी लेकिन प्यार भरे संदेश के साथ अलग-अलग रंगों के गुलाब को भेजने की शुरुआत 17वीं शताब्दी में हुई थी। स्वीडन के राजा चार्ल्स द्वितीय ने पर्सिया की यात्रा के दौरान संदेश भेजने का नया तरीका ईजाद किया। फूलों को ही उसकी भाषा बना दी। हर रंग के गुलाब के संदेश में अलग-अलग मायने थे। 

            प्रत्येक रंग का है अपना अलग अर्थ

आज भी गुलाब के अलग-अलग रंगों के हैं भिन्न अर्थ । जैसे: लाल- प्रेम, सफेद-शांति और आध्यात्म, पीला-दोस्ती, गुलाबी-आभार और प्रशंसा और नारंगी- उत्साह, अभिलाषा।
बुके में मौजूद गुलाब की संख्या भी इसके मायने दर्शाती है। जैसे एक गुलाब देना मतलब उसके प्रति समर्पण दर्शाना। दो गुलाब का मतलब शादी का प्रस्ताव देना। 6 गुलाब का मतलब है प्यार करने की जरूरत है। 11 गुलाब किसी के प्रति बेहद गहरा और सच्चा प्रेम दर्शाता है। वहीं 13 गुलाब देने का मतलब है कि आप उस इंसान के सच्चे शुभचिंतक हैं।

          महारानी क्लियोपेट्रा और मार्क एंटनी

कवि और लेखक विलियम शेक्सपियर के वक्त से ही गुलाब प्यार का प्रतीक माना गया है। उन्होंने अपनी कई कहानियों में लाल गुलाब को लव और किसी के लिए आकर्षण और रोमांस का प्रतीक बताया है। उनकी एक कहानी में महारानी क्लियोपैट्रा ने अपने प्रेमी एंटनी के प्यार को पाने के लिए लाल गुलाब का कार्पेट बनवाया।

  मुगल बेगम नूरजहां और मुगल बादशाह जहाँगीर

रोज डे को लेकर यह भी कहा जाता है कि मुगल बेगम नूरजहां को लाल गुलाब सबसे अधिक प्रिय था। कहते हैं मुगल बादशाह जहाँगीर नूरजहां का दिल खुश करने के लिए रोज टनों के हिसाब से ताजे गुलाब उनके महल भिजवाया करते थे।

                       महारानी विक्टोरिया

रोज डे मनाने के पीछे एक और अन्य मान्यता है। जिसके अनुसार महारानी विक्टोरिया के समय में लोगों ने अपनी न बताई जाने वाली फीलिंग्स को एक्सप्रेस करने के लिए गुलाब के फूल के आदान- प्रदान करने की परंपरा की शुरुआत की। जिसमें लाल गुलाब को प्यार और जुनून का प्रतीक माना जाता है। 


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